तेरी खामोशी

कुछ रोज़ से मैंने अपना सफर रोक रखा है सब सामान बाँध लिया बिस्तर रोक रखा है तेरे बुलाने पर छोड़ आऊँ में दुनिया दारी बस तेरी खामोशी ने ही मुझे घर रोक रखा है

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